उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) -
1. उत्तर प्रदेश' उत्तर भारत का एक राज्य है यह लगभग 20 करोड़ से अधिक निवासियों के साथ, यह भारत में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है
2. ब्रिटिश शासनकाल में इसे यूनाइटेड प्रोविन्स कहा जाता था जो कि 1950 में बदलकर उत्तर प्रदेश हो गया।
3. स्थापना - 24 जनवरी 1950
4. 9 नवंबर 2000 को उत्तरांचल (गढ़वाल और कुमाऊँ मण्डल को मिला कर) को उत्तर प्रदेश से अलग कर एक नया राज्य बनाया गया | 2007 में इसका नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया |
5. हिंदी राज्य में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है, और राज्य की आधिकारिक भाषा भी है।
6. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है जो कि गोमती नदी के किनारे बसा हुआ है |
7. यह राज्य 2,40,928 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहाँ का मुख्य न्यायालय प्रयागराज (इलाहाबाद) में है।
8. 1968 के बाद से उत्तर प्रदेश में दस बार अलग-अलग कारणों से और कुल 1,700 दिनों के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश का इतिहास -
प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम
बीसवीं सदी
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- अयोध्या मंडल
- बस्ती मंडल
- बरेली मंडल
- मीरजापुर मंडल
- मुरादाबाद मंडल
- मेरठ मंडल
- लखनऊ मंडल
- वाराणसी मंडल
- सहारनपुर मंडल
- नदियाँ
- मृदा
उत्तर प्रदेश के क्षेत्रफल का लगभग दो-तिहाई भाग गंगा तंत्र की धीमी गति से बहने वाली नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी की गहरी परत से ढंका है। अत्यधिक उपजाऊ यह जलोढ़ मिट्टी कहीं रेतीली है, तो कहीं चिकनी दोमट। राज्य के दक्षिणी भाग की मिट्टी सामान्यतया मिश्रित लाल और काली या लाल से लेकर पीली है। राज्य के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में मृदा कंकरीली से लेकर उर्वर दोमट तक है, जो महीन रेत और ह्यूमस मिश्रित है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में घने जंगल हैं।
14. उत्तर प्रदेश की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी है।
कृषि - राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। चावल, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, जौ और गन्ना राज्य की मुख्य फ़सलें हैं। 1960 के दशक से गेहूँ व चावल की उच्च पैदावार वाले बीजों के प्रयोग, उर्वरकों की अधिक उपलब्धता और सिंचाई के अधिक इस्तेमाल से उत्तर प्रदेश खाद्यान्न का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य बन गया है। यद्यपि किसान दो प्रमुख समस्याओं से ग्रस्त हैं: आर्थिक रूप से अलाभकारी छोटे खेत और बेहतर उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी में निवेश करने के लिए अपर्याप्त संसाधन, राज्य की अधिकतम कृषि भूमि किसानों को मुश्किल से ही भरण-पोषण कर पाती है। पशुधन व डेयरी उद्योग आय के अतिरिक्त स्रोत हैं। उत्तर प्रदेश में भारत के किसी भी शहर के मुक़ाबले सर्वाधिक पशु पाए जाते हैं। हालाँकि प्रति गाय दूध का उत्पादन कम है।
15. कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औधोगिक शहर है यहाँ चमड़े का काम होता है।
त्यौहार -
उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहाँ समय समय पर सभी धर्मों के त्योहार मनाये जाते हैं-
- अयोध्या मे दीपावली, रामनवमी मेला,राम विवाह,सावन झूला मेला, कार्तिक पूर्णिमा मेला
- प्रयागराज में प्रत्येक बारहवें वर्ष में कुंभ मेला आयोजित किया जाता है।
- इसके अतिरिक्त प्रयाग में प्रत्येक 6 साल बाद अर्द्ध कुंभ मेले का आयोजन भी किया जाता है।
- प्रयागराज में ही प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में माघ मेला भी आयोजित किया जाता है, जहां बडी संख्या में लोग संगम में नहाते हैं।
- दीपावली पर चित्रकूट में दीपदान करने की विशेष मान्यता है। धनतेरस के दिन से शुरू होने वाले दीपमालिका मेले में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं और पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाते हैं। चित्रकूट भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में से एक है। यह स्थान जितना शांत है उतना ही आकर्षक भी। प्रकृति और ईश्वर की अनुपम रचना के सुंदर और एक से बढ़कर एक दृश्य यहां देखने मिलते हैं।
- अन्य मेलों में मथुरा, वृन्दावन में अनेक पर्वों के मेले और झूला मेले लगते हैं, जिनमें प्रभु की प्रतिमाओं को सोने एवं चाँदी के झूलों में रखकर झुलाया जाता है। ये झूला मेले लगभग एक पखवाडे तक चलते हैं।
- कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा नदी में डुबकी लगाना पवित्र माना जाता है और इसके लिए गढ़मुक्तेश्वर, सोरों शूकरक्षेत्र का मार्गशीर्ष मेला, राजघाट, बिठूर, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी में बडी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।
- आगरा ज़िले के बटेश्वर कस्बे में पशुओं का प्रसिद्ध मेला लगता है।
- चौदह अप्रैल बहुजन समाज का प्रमुख त्योहार है ,इस दिन अम्बेडकर जी का जन्म दिवस दीपावली के रूप में मनाया जाता है।
- बाराबंकी ज़िले का देवा मेला मुस्लिम संत वारिस अली शाह के कारण काफ़ी प्रसिद्ध है।
- बलिया जिले का ददरि मेला गंगा स्नान के लिए प्रसिद्ध है।
- इसके अतिरिक्त यहाँ हिन्दू तथा मुस्लिमों के सभी प्रमुख त्योहारों को पूरे राज्य में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
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