RAVI NADI ( रावी नदी) -
1. रावी नदी पश्चिमोत्तर भारत और पूर्वोत्तर पाकिस्तान में बहने वाली प्रमुख नदी है |
2. इसका वैदिक कालीन नाम परुश्णि है इसे लाहौर नदी भी कहा जाता है |
3. यह उन पांच नदियों में से एक नदी है जिससे पंजाब का नाम पड़ा |
4. उद्गम - रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे से निकलती है और हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा पंजाब होते हुए पाकिस्तान से बहती हुई झांग जिले की सीमा पर चिनाब नदी में मिल जाती है इस नदी पर प्रमुख बांध - थीन और चमेरा बने हैं
5. इसकी कुल लंबाई 720 किलोमीटर है तथा हिमाचल में इसकी लंबाई 158 किलोमीटर है |
6. उपनाम - इरावती इसका संस्कृत नाम है, परुणी इसका वैदिक नाम है तथा हैद्रस्टर इसका ग्रीक नाम है |
7. निर्माण - भादल ग्लेशियर से निकली भादल नदी और तान्तगिरी ग्लेशियर से निकली तन्त्गिरि नदी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बड़ा भंगाल में आकर जब मिलती है तो इसके संगम से रावी नदी का निर्माण होता है|
8. मुहाना - पाकिस्तान के झान्ग जिले के तिम्मु में चिनाब नदी से मिलती है और चिनाब आगे जाकर सतलज से मिलती है और सतलज नदी सिंधु नदी से मिठानकोट(पाकिस्तान) में मिलती है और अंत में सिंधु नदी अरब सागर में जाकर गिर जाती है |
9. सहायक नदी - छत्रानि, बुद्धिल धारा, बेरा स्युल, तुन्डहान स्युल, साल आदि इसकी सहायक नदियाँ हैं |
10. रावी नदी के किनारे बसे शहर - चम्बा, सारोल, होलु, माधोपुर, भर्मौर, लाहोर
11. हड़प्पा शहर रावी नदी के किनारे बसा हुआ है जबकि मोहनजोदड़ो, सिंधु नदी के किनारे बसा है |
12. रावी नदी हिमाचल प्रदेश की सबसे पश्चिमी नदी है |
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