वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट ( देशी प्रेस अधिनियम)
1. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट अंग्रेज सरकार द्वारा भारत में सब 1878 में पारित किया गया था ताकि भारतीय भाषाओं के पत्र-पत्रिकाओं पर और कड़ा नियंत्रण रखा जा सके,
2. उस समय वायसराय लॉर्ड लिटन था
3. वस्तुतः यह कानून, भाषाई समाज पर समाचार पत्रों को दबाने के लिए किया गया था
4. इसके पारित होने के अगले दिन कोलकाता से बांग्ला में प्रकाशित अमृत बाजार पत्रिका ने अपने को अंग्रेजी दैनिक पत्र बना दिया इसके संपादक शिशिर कुमार घोष थे
5. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट को लॉर्ड रिपन ने रद्द कर दिया
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